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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम तीन महीनों को तीसरी तिमाही कहा जाता है। 28 से 36 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में हर दो हफà¥à¤¤à¥‡ में आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच होगी, इस​के बाद आखिरी महीने में डिलीवरी तक हर हफà¥à¤¤à¥‡ आपको चेक-अप के लिठबà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाà¤à¤—ा।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही:-
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तिमाही आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठतेजी से वृदà¥à¤§à¤¿ का समय है। तीसरी तिमाही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का अंतिम चरण है। इस दौरान दूसरी तिमाही में शà¥à¤°à¥‚ होने वाली असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ कà¥à¤› नठलकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ à¤à¥€ तीसरी तिमाही में जारी रहती है। जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¤¾ बढ़ता है और आपके आंतरिक अंगों पर अधिक दबाव डालता है, आपको लग सकता है कि आपको सांस लेने में कठिनाई हो सकती है और कई बार पेशाब लग सकता है। यह बहà¥à¤¤ सामानà¥à¤¯ है और à¤à¤• बार जब आप बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® देते हैं तो ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ अपने आप दूर हो जाती हैं। तीसरा टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में पूरे शरीर में खिंचाव आने लगता है और शरीर बचà¥à¤šà¥‡ की डिलीवरी के लिठतैयार होने लगता है। à¤à¥à¤°à¥‚ण का वजन और आकार बढ़ना जारी रहता है, और शरीर की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ परिपकà¥à¤µ होने लगती है। इस दौरान कई बार आप बहà¥à¤¤ अधिक असहज महसूस कर सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आप अपना वजन लगातार बढ़ता जाता है।
तीसरी तिमाही के लकà¥à¤·à¤£-Third Trimester Symptoms
तीसरी तिमाही में 28 से लेकर 40 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक की होती है, जो 6 से 9 महीने तक चलती है। आप अपनी तीसरी तिमाही में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के कई लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं, जैसे कि पैर में à¤à¤‚ठन, बहà¥à¤¤ अधिक दरà¥à¤¦, वैरिकाज नसों की समसà¥à¤¯à¤¾, पीठमें दरà¥à¤¦, थकान, बवासीर, पैरों में सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ और खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾à¥¤ इसके अलावा à¤à¥€ आप इस दौरान कई अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं। जैसे कि
1. सांस फूलना-
जैसे-जैसे आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बड़ा होता जाता है, आपके पेट में बढ़ता जाता है, और आपके डायाफà¥à¤°à¤¾à¤® पर दबाव पड़ता है, सांस लेना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। आप पा सकते हैं कि आपको सीढ़ियों पर चढ़ने में परेशानी हो सकती है। इसका à¤à¤• ही उपाय ये है कि आप बहà¥à¤¤ देर तक खड़े रहने की कोशिश न करें। जरूरत पड़े तो धीमे सीधे खड़े हों या सीधे बैठें ताकि आपके फेफड़ों का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° करने के लिठअधिक जगह हो। अगर आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिकà¥à¤•त हो रही है, या खांसी या सीने में दरà¥à¤¦ है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त संपरà¥à¤• करें।
2. लगातार पेशाब आना-
जब आप अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती हैं, तो आप अपने आप को अधिक बार पेशाब करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता पा सकती हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जैसे ही आपका बचà¥à¤šà¤¾ आपके शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ में आगे बढ़ता है, वह आपके मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर à¤à¥€ दबाव डाल सकता है। आपको यह à¤à¥€ लग सकता है कि आप जब आप हंसते हैं, छींकते हैं, à¤à¥à¤•ते हैं या उठते हैं तो आप लीकेज हो रही है। अगर यह आपको परेशान करता है, तो पैंटी लाइनर पहनें। हालांकि, अगर आपको पानी के तरल पदारà¥à¤¥ का à¤à¥‹à¤‚का महसूस होता है, तो यह आपके पानी को तोड़ने वाला हो सकता है, इस मामले में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह संकेत है कि कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ शà¥à¤°à¥‚ हो रहा है।
3. पैरों में बहà¥à¤¤ सूजन-
अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ का शरीर में होना, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨, और वजन बढ़ने के कारण कई माताओं को à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की सूजन का पता चलता है, जिसे उनके टखनों और पैरों में à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ कहा जाता है। अगर आप इस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देते हैं, तो जितना हो सके अपने पैरों को ऊपर रखें और अपने पैरों को ठंडे पानी में à¤à¤¿à¤—ो सकते हैं। अधिक आरामदायक महसूस करने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बड़े जूते खरीदें और उसी को पहन लें।
4. हलà¥à¤•े दरà¥à¤¦ और संकà¥à¤šà¤¨ (contractions)-
तीसरी तिमाही में और कà¤à¥€-कà¤à¥€ पहले à¤à¥€, आपको à¤à¥‚ठे संकà¥à¤šà¤¨ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। ये "अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨" आपके शरीर के लिठउपयोगी हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे आपकी मांसपेशियों को शà¥à¤°à¤® के लिठतैयार करने में मदद करते हैं। ये संकà¥à¤šà¤¨ काफी हलà¥à¤•े शà¥à¤°à¥‚ हो सकते हैं और आपके पेट को कसने जैसा महसूस करते हैं, लेकिन जैसे-जैसे आपकी डिलीवरी डेट नजदीक आती है, ये और अधिक दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही के दौरान शरीर में बदलाव-Changes in Body:-
तीसरी तिमाही के दौरान महिला को शरीर में कई बदलाव महसूस हो सकते हैं। जैसे कि :-
-आपका à¤à¥à¤°à¥‚ण शरीर की गरà¥à¤®à¥€ को बढ़ा करता है, जिससे आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ के तापमान में वृदà¥à¤§à¤¿ महसूस होती है।
-बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में कमी आ सकती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¥à¤°à¥‚ण मà¥à¤–à¥à¤¯ नस को दबाता है जो बà¥à¤²à¤¡ को हृदय में लौटाता है।
-à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सूजन, हाथ और चेहरा तक हो सकता है जिसे à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ कहा जाता है।
-बालों के रोम के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की वृदà¥à¤§à¤¿ के कारण आपके हाथ, पैर और चेहरे पर बाल उगने शà¥à¤°à¥‚ हो सकते हैं। बाल à¤à¥€ मोटे लग सकते हैं।
-पैर की à¤à¤‚ठन अधिक बार हो सकती है।
- संकà¥à¤šà¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® की तैयारी में अनियमित अंतराल पर होने लग सकता है।
-पेट, सà¥à¤¤à¤¨, जांघों और नितंबों पर खिंचाव के निशान दिखाई दे सकते हैं।
-कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤®, सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥ जो बचà¥à¤šà¥‡ को तब तक पोषित करता है जब तक कि सà¥à¤¤à¤¨ का दूध उपलबà¥à¤§ नहीं हो जाता। आपके निपलà¥à¤¸ से रिसाव करना शà¥à¤°à¥‚ कर सकता है।
-सूखी, खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾ बनी रह सकती है, खासकर पेट पर, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤µà¤šà¤¾ का बढ़ना और खिंचाव बना रहता है।
-तà¥à¤µà¤šà¤¾ की रंजकता अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो सकती है, विशेष रूप से चेहरे पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ के गहरे पैच।
-कबà¥à¤œ और अपच जारी रह सकता है।
-आपने सफेद रंग के योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ (लà¥à¤¯à¥‚कोरिया) बढ़ सकता है।
-पीठदरà¥à¤¦ बना रह सकता है और तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है।
-बवासीर बनी रह सकती है और गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है।
तीसरी तिमाही में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास- Fetal Development :-
तीसरी तिमाही के दौरान, आपका à¤à¥à¤°à¥‚ण आकार और वजन में बढ़ता रहता है। फेफड़े अà¤à¥€ परिपकà¥à¤µ हो रहे होते हैं, और à¤à¥à¤°à¥‚ण नीचे की ओर आने लगता है। तीसरी तिमाही के अंत तक, à¤à¥à¤°à¥‚ण लगà¤à¤— 19 से 21 इंच लंबा होता है और उसका वजन औसतन 6 से 9 पाउंड होता है। साथ ही तीसरी तिमाही के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में कई सारी चीजें नजर आती हैं:
-à¤à¥à¤°à¥‚ण देखना और सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।
-मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का विकास जारी है।
-गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ और फेफड़े परिपकà¥à¤µ होते रहते हैं।
-36 वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक, सिर शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में आने लगता है।
- वेजाइनल डिलीवरी के लिठखोपड़ी की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ नरम रहती हैं।
-कई शिशà¥à¤“ं में आंखों का रंग जनà¥à¤® के कई दिनों या हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक दिखाई नहीं देगा।
-à¤à¥à¤°à¥‚ण अपना अंगूठा चूस सकता है और रोने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखता है।
-38 से 40 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक, à¤à¥à¤°à¥‚ण का लानà¥à¤—ो (शरीर और अंगों पर बारीक, मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® बाल) लगà¤à¤— पूरी तरह से गायब हो जाते हैं।
-38 से 40 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक, फेफड़े पूरी तरह से परिपकà¥à¤µ हो जाते हैं।
-गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के दौरान सिर आमतौर पर नीचे की ओर आà¤à¤—ा, जिससे वजाइनल à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का à¤à¤¾à¤° बढ़ जाता है।
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